पुरुष बांझपन जानें इसके कारण और उपचार- Male Barreness learn more about the cause & treatment

पुरुष बांझपन जानें इसके कारण और उपचार / Male Barreness learn more about the cause & treatment

दोस्तों आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में इंसान अपनी सेहत की और ध्यान देना पूरी तरह से भूल चुका है..जिसकी वजह से इंसान तरह तरह की बीमारिओं का शिकार हो रहा है,आपने अक्सर महिलाओं के बांझपन के बारे में सुना होगा लेकिन आज हम पुरुष बांझपन के बारे में बात करेंगे| पुरुष बांझपन की बीमारी बहुत ही गंभीर बीमारी है और आज के समय में इस बीमारी से औरतों के मुक़ाबले पुरुष जयदा शिकार हो रहे हैं जो कि बहुत एक चिंता का विषय है |

आपने एक कहावत सुनी होगी की शरीर एक मंदिर है लेकिन यह कहावत कहावत ही बन कर रह गयी है, बहुत कम लोग है जो अपने शरीर का ध्यान पूरी तरह से रखते है बहुत से लोग नशों में पड़ चुके हैं जिसकी वजह से वह तरह तरह की बीमारिओं का शिकार हो रहे हैं..आज की युवा पीडी नशे में इतनी पड़ चुकी है कि उन्हे खाने पीने और अपने शरीर को स्वस्थ रखने की कोई चिंता नही है |

पुरुष बांझपन होने के कारण / Causes For Male Barreness

पुरुष बांझपन होने के बहुत से कारण हैं जिनका हम ज़िक्र करने जा रहे है पर उस से पहले मैं आपको बता दूं कि बीड़ी(Beedi), सिगरेटे(Cigrete), शराब(Booze),भांग(Joint), समेक(Smack) और बहुत  के ऐसे नशे है जिन्हे युवा पीडी अपने खाने की तरह इस्तेमाल करती है,दोस्तों नशा एक ऐसी चीज़ है जो धीरे धीरे ह्मारे शरीर को खोखला कर उसे नष्ट कर देता है और नतीज़ा मौत,एक बहुत ही गौर करने वाली बात है की हम नशा करके मौत को पैसों से खरीद रहे हैं,दोस्तों ज़िंदगी सिर्फ़ एक बार मिलती है,नशा करके इसे खराब ना करें |

पुरुष बांझपन होने के कारण

  1. तेज़ी से हो रहे शारीरिकरण
  2. मिलावट की वजह से तमाम रास्यानों का शरीर में जाना
  3. तनाव
  4. ज़रूरत से जयदा काम
  5. तेज़ लाइफस्टाइल
  6. देर से शादी होना
  7. नशे करना

उपर बताए गये सभी कारणों की वजह से आज पुरुषों को इन समस्याओं का सामने करना पड़ रहा है आज के दौर में आपको कोई भी चीज़ शूध(pure) नही मिलेगी, हर कोई आजकल अपने मुनाफ़े के लिए मिलावट कर रहा है,छोटी सी छोटी चीज़ में आज मिलावट हो रही है जो कि मनुष्य के स्वस्थ पर  उल्टा प्रभाव डाल रही है | मिलावट की वजह से मनुष्य को सारे ज़रूरी तत्व नही मिल पाते जो शरीर के लिए ज़रूरी होते हैं जिसके कारण मनुष्य बीमारिओं का शिकार जयदा हो रहा है,मिलावट भरी चीज़ें खाने से भी शुक्राणुओं में कमी आती है जो की बांझपन के कारणों में इज़ाफा करती है | इसलिए मेरा आपसे यही अनुरोध है की जितना हो सके बाहर की चीज़ों को कम खाया करें |

पुरुष बांझपन का एक और मुख्य कारण तनाव है,आज की भाग दौड़ भारी ज़िंदगी में मनुष्य तनाव से बहुत जयदा घिर चुका है चाहे वह तनाव पड़ाई के कारण हो,नौकरी के कारण हो,घर की समस्याओं के कारण हो,गर्लफ्रेंड के कारण हो या कोई अन्य कारण हो,ज़यादा तनाव लेने से भी डॉक्टर कहते है की इंसान के शुक्राणुओं में कमी आती है,इसलिए तनाव मुक्त रहें और दूसरों को भी हो सके तो तनाव मुक्त रखें क्यूंकी खुशियाँ बाँटने से जयदा होती है इसलिए खुद भी मुस्कुराते रहिए और दूसरों का भी मुस्कुराने का कारण बनें | हसना तनाव कम करने का सबसे आसान माध्यम है |

ज़रूरत से जयदा काम करना,देर से शादी करना और नशे करना भी पुरुष बांझपन का मुख्य कारण है | ज़रूरत से जयदा काम करने से इंसान के सारे शरीर पर असर पड़ता है,जयदा काम करने से इंसान के शरीर को उतना आराम नही मिला पाता जिसके कारण शुक्राणुओं में कमी आती है और बांझपन का खतरा बड़ जाता है,देर से शादी करने से से भी पुरुषों में बांझपन का खतरा बड़ जाता है क्योंकि उमर के साथ साथ शुक्राणुओं में कमी आती है इसलिए शादी समय रहते कर लेनी चाहिए और एक सबसे बड़ा कारण नशा करना है नशे करने से शुक्राणुओं का बनना बंद होता जाता है और शरीर पर भी नशे करने का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है,नशा इंसान को लाचार और बेबस  बना देता है इसलिए नशे से दूर रहें | नशा ना करने से पुरुषों में बांझपन का  खतरा बहुत कम हो सकता है इसलिए जितना हो सके नशे से दूर रहें |

पुरुष बांझपन एक गंभीर समस्या

पुरुष बांझपन का सबसे बड़ा कारण कम शुक्राणुओं का होना है | नि:स्न्तान्ता के लिए केवल महिलाएँ ही ज़िम्मेदार नही होतीं | भारत में सदिओं से देखा जाता है कि जब भी किसी दंपति को संतान नही होती है तो सबसे पहले पत्नी की दोषी माना जाता है और उसे बांझ कहकर ताने दिए जाते हैं | तमाम छोटे शहरों में तो पुरुषों की जाँच तक नही करवाते और सारा दोष महिला पर डाल दिया जाता है | जब कि विश्व स्वास्थ्य संघठन की रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में महिलाओं के तुलना में पुरुषों में नि:स्न्तान्ता के मामले बड़े हैं | इसके पीछे तेज़ी से हो रहे शारीरिकरण,मिलावट की वजह से तमाम रास्यानों का शरीर में जाना, तनाव,ज़रूरत से जयदा काम,तेज़ लाइफस्टाइल और देर से शादी होना बड़ा कारण है जिनका वरण हम पहले कर चुके हैं |

पुरुषों में शुक्राणु कम होने के कारण

  • ऐसे व्यक्ति जो सीधे गरम वातावरण में रहते हैं और काम करते हैंजैसे हलवाई,सुनार जहाँ भट्टी की गर्मी से अंडकोष में शुक्राणु की संख्या में गिरावट देखी गयी है|
  • पहलवान इत्यादि लोग जो लोग लंबे समय तक लंगोट पहनते है उनके अंडकोष शरीर की गर्मी से खराब हो सकते हैं जिस से शुक्राणुओं की संख्या वीर्य में कम होने लगती है|
  • जंक फुड,रसायन मिश्रित खाद्या पदार्थ,फास्ट फूड का जयदा सेवन करने से विटामिन की कमी हो जाती है जिस से शुक्राणुओं की मॉर्टिलिटी में कमी आ जाती है|
  • मोबाइल कभी भी जेब में रखकर ना घूमें,मोबाइल से निकलने वेल रेडीयेशन और लगातार पैरों पर laptop रखकर काम करने वाले पुरुषों में भी शुक्राणुओं की कमी  और नि:सन्तान्त का खतरा बड़ जाता है |
  • शराब,धूम्रपान और अन्य कोई भी नशा करने से भी स्पर्म कम हो जाते हैं,इसलिए ज़रूरत से जयदा नशा ना करें,अधिक मात्रा में शराब पीने से भी स्पर्म के संख्या में कमी आ जाती है |
  • कॅरियर के चलते शादी की उम्र बाद जाने से स्पर्म की संख्या में कमी आ जाती है इसलिए शादी समय रहते कर लेनी चाहिए  |
  • पुरुषों के प्रज्नन क्षमता महिलाओं के मुक़ाबले 20 फीसदी कम होती है| जयदा वजन होने से हारमोनल असंतुलन होता है और इस से स्पर्म बनने में दिक्क्त आती है |

पुरुष बांझपन के उपर शोध और पुरुष बांझपन के चिक्तिसकीय कारण

पुरुष बांझपन के उपर दो शोध किए गये इसमें वर्ष 1984 में 18 से 29 साल की उमर में 5% कपल इनफरटाइल(infertile) पाए गये वहीं 2010 में यह संख्या 13.7% हो गयी|मशहूर पत्रिका ब्रिटिश मेडिकल के अनुसार पिछले 50 साल में दुनिया भर में मर्दों में शुक्राणुओं की संख्या आधी रह गयी है| यह एक चिंताजनक बात है | 21वीं सदी में पिता बनने की हसरत पुरुषों के लिए तनाव का कारण है |

पुरुष बांझपन के चिक्तिसकीय कारण

  • सूजन अंडकोष की नस में सूजन होना, संक्रमण अंडकोष में किसी तरह का संक्रमण होना|
  • हारमोन असंतुलन की कमी के कारण स्पर्म की संख्या में कमी आती है|
  • द्वा,स्टेराइड्स(steroids),किमोतेरपी(chemotherapy),antifungal आदि कुछ द्वाओं का अधिक उपयोग से भी स्पर्म की संख्या में कमी आती है|
  • यौन संक्रमित बीमारियाँ सिर्फ़ AIDS ही नही बल्कि दर्जनों बीमारियाँ हैं जो असुरक्षित यौन समंध करने से हो जाती हैं और यह इनफर्टिलिटी(infertility) के बड़े कारण हैं |
  • अन्य बीमारियाँ जैसे TB,म्‍मस, गोनोरिया(gonorrhea), टाइफाइड(typhoid),स्मल्पॉक्स(smallpox),influenza आदि की कारण भी स्पर्म काउंट कम हो जाते हैं |

पुरुष बांझपन से संबंधित कुछ ज़रूरी बातें

  • उमर के साथ साथ शुक्राणु कम होने पर विशेशग्य की सलाह ज़रूर लें |
  • शुक्राणु में अनेकों तरह के विकार पाए जाते हैं जिसके चलते सामान्य से अधिक शुक्राणु होने पर भी पुरुषों को संतान प्राप्ति में मुश्किल होती है | शुक्राणु की जाँच अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप वह प्रशिक्षित लेब तकनीशियन के देख रेख में करवानी चाहिए |
  • आईयूआई(IUI),आईवीएफ़(IVF),ICSI तकनीक़ में दंपति की सफलता भ्रूण वैगयानिक पर जयदा निर्भर करती है |
  • अत्याधुनिक सुस्सजित लेब और अनुभवी भ्रूण वैगयानिक सफलता दर बड़ाने में सहायक हैं |

शुक्राणु की जाँच में क्या है ज़रूरी

  • Sperm Count (स्पर्म काउंट)
  • Sperm Motility (स्पर्म मोटिलिटी)
  • Sperm Morphology (स्पर्म मोर्फोलॉजी)
  • Sperm Vitality (स्पर्म वाइटॅलिटी)

शुक्राणु की मात्रा और गतिशीलता के अलावा यह जानना भी ज़रूरी है की उसकी गुँवक्ता क्या है| प्रक्रिया का चुनाव उचित विशेषग की सलाह से ही करना चाहिए| प्रक्रिया का चुनाव इस पर भी निर्भर करता है की पत्नी में क्या क्या ख़राबियाँ पाई गयी हैं| पति पत्नी दोनो की जाँच के बाद विशेषग डॉक्टर खराबी के अनुसार उचित प्रक्रिया का चयन करते हैं|

पुरुष बांझपन का उपचार / Male Barreness treatment

पुरुषों के बांझपन का सबसे बड़ा कारण शुक्राणुओं के कमी का होना है और आजकल की युवा पीडी इस चीज़ की सबसे जयदा शिकार हो रही है पर इस बीमारी का इलाज़ भी है जिन्हे करके इस बीमारी से निजात पा सकते हैं | वैगयानिक नें 3 ऐसे तरीके खोज निकालें है जिनके द्वारा इस बीमारी से निजात पा सकते हैं | इन 3 तकनीकों का नाम इस प्रकार है |

  • आईयूआई   (IUI) – Intrauterine Insemination
  • आईवीएफ़   (IVF) – In Vitro fertilization
  • ICSI – Intracytoplasmic Sperm Fertilization 

IUI Technique :-

विश्व स्वस्थ संगठन के अनुसार 15ml/cc से जयदा शुक्राणुओं की मात्रा सामान्य है|अगर किसी दंपति में शुक्राणु की मात्रा 10 ml/cc से जयदा ही तो वो IUI प्रक्रिया करवा सकते हैं | IUI प्रक्रिया में पति के वीर्य से पुष्ट शुक्राणु अलग कर एक पतली नली के माध्यम से पत्नी के गर्भ में छोड़ दिए जाते हैं| यह तकनीक प्राकृतिक गर्भधारण जैसी है |

IVF Technique :-

अगर किसी दंपति में 10 ml/cc से कम शुक्राणु पाए जाएँ तो वो IVF तकनीक के लिए जा सकते हैं| IVF तकनीक में पत्नी अंडा शरीर की बाहर निकाला जाता है , पति की वीर्य से पुष्ट शुक्राणु अलग कर लेब में अंडे वह शुक्राणु का निशेचन किया जाता है| 2-3 दिन में अंडे भ्रूण में परवर्तित हो जाते हैं | भ्रूण वैगयानिक इन में से आचे भ्रूण का चयन करते हैं और यह भ्रूण एक पतली नली के माध्यम से पत्नी के गर्भ में छोड़ दिए जाते हैं |

ICSI Technique :-

शून्य शुक्राणु वाले पुरुषों में टेस्टिक्युलर बाइयाप्सी(testicular biopsy) की जाती है| इसमें जहाँ स्पर्म बनते हैं वहाँ से एक टुकड़ा लेकर लेब(lab) में टिश्यू (tissue) की जाँच की जाती है| उस टिश्यू में स्पर्म की उपस्थती का पता लगाया जाता है| अगर उस टिश्यू में स्पर्म उपलब्ध होते हैं तो ICSI प्रक्रिया के माध्यम से इन स्पर्म से महिला के अंडाणुओं को फर्टिलाइज़्ड(fertilized) कर भ्रूण बनाया जा सकता है | इस तारह से अपने ही शुक्राणुओं से पिता बन सकते हैं| अगर टिश्यू में स्पर्म नही मिलते हैं तो डोनर स्पर्म की सहायता से पिताबान सकते हैं |

NOTE :-  हर एक इंसान को किसी भी बीमारी से बचने के लिए नियमित व्यायाम करना चाहिए और हरी सब्जियाँ जयदा खानी चाहिए |

 

 

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